विवादित बयानों की बयार

अब एक और विवादित बयान..मेरे तो कान पक गए है। शायद आप भी ऐसे बयानों को सुन सुनकर थक गए होंगे..और थके भी क्यों न..अब रात हो या दिन हर वक्त ऐसे ही बयानों की गूंज तो सुनाई देती है। हर दिन नया विवादित बयान..लेकिन एक सवाल है। जो जहन में बार बार उठ रहा है। क्या विवादित बयान देने से देश का भला हो पाएगा। क्या देश का विकास विवादित बयान देने से हो जाएगा..जिस जनता जनार्दन ने इन राजनेताओं के हाथों में देश की कमान सौंपी थी। अब उसी जनता को ऐसे बयान सुनने को मिल रहे है..जो रह रहकर परेशान कर रहे है। हर नेता विवादित बयान देने में लगा। जब देखों बस एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में बेतकु बयान दे देते है। अब बेतुके बयानों की बायर बहने लगी है। 



कभी साक्षी महाराज..तो कभी साध्वी निरंजन ज्योति..तो फिर कभी साध्वी प्राची..सबको विवादित बयान देने है। विवादों के समुंद्र में डुबकी लगाते रहते है। शायद ऐसे बयान देने से इन्हें मोक्ष मिल जाएगा। हमारी तो ये ही सलाह है कि अगर ऐसे बयान देने से मोक्ष मिल जाता है..तो फिर तीर्थयात्रा का क्या महत्व है.. 



विवादित बयान देने में सबसे आगे है आरएसएस। जो कोई भी मौका नहीं छोड़ता..तो वीएचपी मौके पर चौक्का लगाने से कभी नहीं चुकता। ताजा बयान बीजेपी के दिग्गज नेता सुब्रमण्यम ने दिल्ली में वीएचपी के कार्यक्रम में दिया। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि…हम इस देश में हिंदू की बहुसंख्या क्यों चाहते हैंक्योंकि जब तक इस देश में हिन्दू बहुसंख्या में रहेगा तभी तक इस देश में लोकतंत्र रहेगा..जहाँ मुस्लिम मेजोरिटी में है वहां लोकतंत्र भी नहीं है और धर्म निरपेक्षता भी नहीं है..हमारे देश के अंदर भी जहाँ मुस्लिम मेजोरिटी में है जैसे कश्मीर और केरल में लोकतंत्र नहीं है और हिंदुओं का हाल बुरा है.इसलिए देश में अगर धर्मनिपेक्षता और लोकतंत्र चाहते है तो हिन्दू का बहुसंख्यक होना जरुरी है



इससे एक दिन पहले ही वीएचपी नेता साध्वी प्राची ने एक बार फिर भड़काऊ भाषण दिया था। देहरादून में विश्व हिंदू परिषद के स्वर्ण जयंती महोत्सव कार्यक्रम में साध्वी प्राची ने फिर जहर उगलते हुए कहा कि.. ''वो घरों में लगे हुए सलमानशाहरुख और आमिर खान के पोस्टरों की होली जलाएं'' जबकि दो दिन पहले ही संसद में पीएम मोदी ने अपनी पार्टी के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा था कि “धर्म से ऊपर है देश”.. लेकिन फिर भी पीएम की नसीहत का साध्वी प्राची जैसे नेताओं पर कोई असर नहीं दिख रहा है। ऐसा नहीं है कि साध्वी प्राची ने पहली बार ऐसा विवादित बयान दिया है। साध्वी प्राची को इस मामले में महारथ हासिल है..पहले साध्वी प्राची हिंदुओं को 4-4 बच्चे पैदा करने की सलाह देती थी..अब खान स्टार्स की फिल्म न देखने की सलाह दे रही है..अब आप ही बताओं जहां एक 2 बच्चों का लालन पालन के लिए बार बार सोचना पड़ता है..वहां 4 बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित रह पाएगा..   



नमो की जीत के बाद से ही बेतकु बयान देने की बाढ़ से आ गई है..जबकि प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों और नेताओं को सलाह देते है कि वो विवादित बयान देने से बचे..और पार्टी के विकास के एजेंडे पर फोकस करें..मोदी का नारा है.. सबका साथ..सबका विकास..लेकिन सबको साथ लेकर चलने वाले इस नारे की मोदी के अपनों ने ही बैंड बजाकर रखी है..जाहिर है कि ऐसे में धूमिल होती छवि को कितना भी बचाने की कोशिश क्यों न करें..लेकिन विवादित बयानों का असर तो पड़ेगा ही..अब तो जनता की नजरों में मोदी जरूर चुभने लग गए होंगे..और चुभे भी क्यों ने मोदी के अपने कर ही कुछ इस तरह से है। अब तो ये देखना होगा कि मोदी इस मुश्किल घड़ी से खुद को कैसे बाहर निकालते है।  

 

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