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Showing posts from October, 2012

India vs China War

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आज से ठीक 50 साल पहले 20 अक्टूबर 1962 को भारत और चीन के बीच भयंकर युद्ध की शुरूआत हुई थी जिसमे दोनों देशो को जान-माल की हानि हुई लेकिन सबसे बड़ी चीज जो दोनों देशों ने गंवाई वो है आपसी विश्वास...इन 50 सालों में दोनों देशों ने विश्वास बढ़ने के लाख दावे किए हों ... लेकिन न तो सीमा पर सेना के जमावड़े में कोई कमी आई और न ही सीमा विवाद खत्म हुआ। सीमा विवाद से शुरू हुआ युद्ध तो खत्म हो गया ... लेकिन सीमा विवाद आज भी कायम है। इस सीमा विवाद से शुरू हुए युद्ध में   भारत के 1383 सैनिक मारे गए थे जबकि 1047 घायल हुए थे। 1696 सैनिक लापता जिनका कोई पता नही चला और 3968 सैनिकों को चीन ने गिरफ्तार कर लिया था। तो वहीं चीन के कुल 722 सैनिक मारे गए थे और 1697 घायल हुए थे। 14 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़े गए इस युद्ध में भारत की तरफ से महज 12 हजार सैनिक चीन के 80 हजार सैनिकों के सामने थे।   इस युद्ध में भारत ने अपनी वायुसेना का इस्तेमाल नहीं किया जिसके लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की कड़ी आलोचना भी हुई। आजादी के 15 साल बाद लड़ी गई इस जंग में भारत भले हार गया हो   ल...

दर्द की दस्तक

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                 दिल का हाल आज बेहाल है.....  कांटे ही कांटे  राह में मेरे साथ है।  न मंज़िल,  न कोई अपना साथी है।  कुछ सवाल है  जो आधी रात को...  नींद से जगा देते है।  क्यों ?  दिल ऐसे सवालों के...  भंवर में फंस गया।  दिल का हाल आज बेहाल है  कांटे ही कांटे...   राह में मेरे साथ है।                         कटपुतली बनकर... कभी यहां...  तो कभी वहां   भटकते रहे। कुछ पाने के लिए   ज़िंदगी भर तरसते रहे।। पैरों में कांटे...  चुभते रहे   तो मन ही मन, अपनी बदकिस्मती पर रोते रहे।। दिल को अब किसी से... कोई शिकायत नही और न खुशियों की आस, मौत के पैगाम से  डर नही।। दिल का हाल आज बेहाल है कांटे ही कांटे... राह में मेरे साथ है।                   आज मेरे पास  कुछ नही है       ...

इंतजार

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मैंने तुझसे प्यार,   किया तो तुझे... अपने दिल में पनाह दी। भीगी पलको पर, हसीन ख्याब संजोए।। और अपनी सांसो पर, तेरा नाम लिखा।। लेकिन... तुझे ख़बर नही।। ओ मेरे सनम... क्या गुज़रती है ? मेरे इस दिल पर... तुझे इसका अंदाजा नही। जब संदेशा तेरा... नही मिलता।। तो धड़कने बेचैन हो जाती है और ज़िंदगी, हर पहलु में... वीरान-सी, लगने लगती है।। शायद... तुझे मेरी महोब्बत की कीमत मालूम नही।। ये बेरन हवा, जब-जब अपने... शावाब पर होती है। तो समदंर में... हजारों लहरे उठती है।। और जब-जब तुझे छुकर... मेरे समीप आती है तो मन में... ढ़ेरों उम्मीद जागा देती है।। बस ! एक लम्हें में, मुझको मुझी से चुरा लेती है। लेकिन.... तुझे मेरी हालत की परख नही। रेत... के टीले पर, बैठी-बैठी... तेरी यादों में, ख्यालों के महल बनाती। रात-रातभर जागकर, तेरे ख्याब बुनती।। लेकिन... पत्थर ! दिल-ए-मेहमान... तुझे मेरी कदर नही। लम्हा-लम्हा... तेरा दीदार करती। आँखों को न करार देती।। टकटकी लगाएं... चौखट को निहारती।। लेक...

विंडबना

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मेरे जीवन की कैसी विंडबना है ? दिल के कोने में... दफन सारे आरमा है।। चुन-चुनकर तलाशे... व़क्त ने ज़ख्म। आँखों से ओझल हो गए , सारे महकमें। मेरे जीवन की कैसी विंडबना है ? दिल के कोने में... दफन सारे आरमा है   खुदा ने भी... कुछ यूं ढहाएं सितम , मुझ पर... खुशियों से वास्ता ही न रहा। मांगा जिनको दुओं में , ढूँढ़ा हाथों की लकीरो में वो ही बेगाना कह गए।। मेरे जीवन की कैसी विंडबना है ? दिल के कोने में... दफन सारे आरमा है। होश न था... अपनी बर्बादी का। जश्न मना रहे थे... अपनी कामयाबी का।। ज़मीन पर गिरे आंसू को... ओस की बूंद समझ बैठें।। बेगाने को अपना कह बैठे। दर्द को भी दर्द होने लगा है। मुझसे रूकस्त होकर रोने लगा है।। मेरे जीवन की कैसी विंडबना है ?  दिल के कोने में... दफन सारे आरमा है।