India vs China War
आज से
ठीक 50 साल पहले 20 अक्टूबर 1962 को भारत और चीन के बीच भयंकर युद्ध की शुरूआत हुई थी जिसमे दोनों देशो को
जान-माल की हानि हुई लेकिन सबसे बड़ी चीज जो दोनों देशों ने गंवाई वो है आपसी विश्वास...इन 50 सालों में दोनों
देशों ने विश्वास बढ़ने के लाख दावे किए हों... लेकिन न तो सीमा पर सेना के जमावड़े में कोई कमी आई और
न ही सीमा विवाद खत्म हुआ। सीमा विवाद से शुरू हुआ युद्ध तो खत्म हो गया... लेकिन सीमा विवाद आज
भी कायम है।
इस सीमा
विवाद से शुरू हुए युद्ध में भारत
के 1383 सैनिक मारे गए थे जबकि 1047 घायल हुए थे। 1696 सैनिक लापता जिनका कोई पता नही चला और 3968 सैनिकों को चीन ने गिरफ्तार कर लिया था। तो
वहीं चीन के कुल 722 सैनिक मारे गए थे और 1697 घायल हुए थे। 14 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़े गए इस युद्ध में भारत की तरफ
से महज 12 हजार सैनिक चीन के 80
हजार सैनिकों के सामने थे।
इस युद्ध
में भारत ने अपनी वायुसेना का इस्तेमाल नहीं किया जिसके लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री
जवाहरलाल नेहरू की कड़ी आलोचना भी हुई। आजादी के 15 साल बाद लड़ी गई इस जंग में भारत भले हार गया हो लेकिन
इस युद्ध से मिली
सीख ने भारत को सामरिक तौर पर मजबूत कर दिया था.
आज इस
युद्ध को 50 साल पूरे हो रहे हैं।
इस मौके पर भारतीय रक्षा मंत्री ए.के एंटनी ने 'अमर जवान ज्योति' पर श्रद्धांजली अर्पित की...इस दौरान उनके साथ तीनों
सेनाओं के प्रमुख और 1962 की जंग
में हिस्सा लेने वाले एकमात्र जीवित बचे भारतीय वायुसेना के अधिकारी फील्ड मार्शल अर्जुन सिंह मौजूद थे।
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