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Showing posts from April, 2015

बेबसी पर सियासत

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‘ साहेब ’ यू हीं कोई नहीं मरता। यू हीं अपनी जिंदगी को खत्म नहीं करता। कुछ वजह होती है..बहुत कुछ खोने का गम होता है..तो कुछ टूटी हुई आस होती है..जो बार बार रूलाती है..वो भी खून के आंसू रोता होगा। जब अन्नदाता काल के गाल में समा जाता है। खुदा ने तो दुनिया बनाई है..लेकिन पालन हारा तो किसान है। यहां ऐसे लोगों की कमी नहीं जो किसानों की बेबसी पर राजनीति करने से पीछे नहीं हटते है। हमारे समाज में आज भी एक ऐसा तबका है। जहां सुबह का चूल्हा तो जल जाता है...लेकिन रात का चूल्हा नहीं जल पाता..कुछ लोगों को 2 वक्त की रोटी भी मुनासिब भी नहीं होती है।     सवाल फिर भी वही है क्या कोई अपनी जिंदगी को जान बूझकर खत्म करता है....सवाल उठते है..सियासत होती है..लेकिन सरकार का रवैया जस का तस रहता है....बेमौसम बारिश ने किसानों को खून के आंसू रूलाए..और किसानों की कमाई का जरिया भी उनसे छीन लिया..किसानों की महीनों की मेहनत बारिश की भेंट चढ़ गई.. मार्च , अप्रैल महीने में हुई बेमौसम बारिश ने बड़े स्तर पर फसलों को बर्बाद कर दिया है .. 80 फीसदी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई.. सरसों,   चन...

10 महीनों पर सवाल

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एक वक्त था जब नमो नमो की लहर में सभी विरोधी पार्टी परास्त हो गई थी..और एक वक्त है अब जब विरोधियो के निशाने पर सिर्फ मोदी है। चाहें मामला कोई भी हो..लेकिन उंगुली तो मोदी सरकार के कामकाज पर ही उठेगी..और उठे भी क्यों विरोधियों को ऐसी हार बर्दाश्त नहीं हो रही। जो नमो से मिली थी। यूपी में मोदी की लहर ऐसी रंग लाई की बड़ी बड़ी पार्टीयां धराशाही हो गई। ऐसा ही हाल था बीएसपी का.. बीएसपी सुप्रीमों मायावती अब तक इस हार को पचा नहीं पाई है। और इस हार की कसक अब तक मायावती की जुबां पर झलक ही पड़ता है..लेकिन इस बार बीएसपी सुप्रीमों ने मोदी सरकार के 10 महीनें के कामकाज पर उंगुली उठाई है..और मोदी सरकार के 10 महीनों के राज को नकामयाबी का ताज पहनाया है। मायावती ने कहा कि "10 महीने बीत गए है लेकिन केंद्र सरकार कानून बदलने और कानून बनाने के लिए अलावा कुछ नहीं किया" वहीं मायावती  ने कहा कि “ भूमि   बिल   से देश की जनता गुस्‍से में है. . नरेंद्र मोदी सरकार किसानों के साथ धोख कर रही है .. मोदी चुनाव के दौरान प्रचार में जनता के साथ जो वादे किये थे उसे अब पूरा करने में वह विफल रहे हैं…भ...

मंत्रिमंडल में किसको मिलेगी जगह

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मोदी कैबिनेट में किसे मिलेगी जगह..और कौन होगा बाहर..किसको मिलेगा ईमानदारी का ईमान..ये बड़ा सवाल है..लेकिन इन सवालों के जवाब हमें 8 अप्रैल को मिलेंगे जब मोदी कैबिनेट का दूसरा विस्तार होगा। अटकले लगाई जा रही है कि 8 अप्रैल को मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है..मंत्रिमंडल विस्तार में प्रदर्शन और कामकाज के आधार पर कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और कुछ को प्रमोशन दिया जा सकता है। उन मंत्रियों पर गाज भी गिर सकती है जिनके कामकाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुश नहीं है। मोदी कैबिनेट का यह दूसरा विस्तार होगा। मंत्रिमंडल के विस्तार में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईंद की बेटी महबूबा मुफ्ती और शिवसेना से अनिल देसाई को मंत्री बनाया जा सकता है। शिवसेना कोटे से दो लोगों को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। साथ ही मुख्तार अब्बास नकवी को कैबिनेट मंत्री बनाकर उनका प्रमोशन किया जा सकता है। अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला को कैबिनेट से हटा कर राज्यपाल बनाया जा सकता है। नजमा के जाने के बाद इस मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल राज्यमंत्री के रूप में काम कर रहे मुख्तार अब्बास...

मोदी के मंत्री जी..ये क्या कह गए ?

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   हमारे   देश में नेताओं की बदजुबानी तो आम बात है। कोई न कोई नेता अपनी जुबान से ऐसे तीर छोड़ देता है। जो आगे चलकर इन नेताओं की गले की फांस बन जाता है। इसी को क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब पीएम मोदी के कट्टर समर्थक और केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने सोनिया गांधी पर नस्लभेद की टिप्पणी की..जो अब उनके गले की फांस बन चुकी है। वो भी ऐसी फांस जो खेद जताने के बाद भी शांत नहीं हो रही है। गिरिराज सिंह ने कहा कि  ' अगर राजीव गांधी ने किसी नाइजीरियन महिला से शादी की होती तो क्या कांग्रेसी उसे स्वीकारते..साथ ही गिरिराज ने राहुल गांधी के छुट्टी पर जाने का भी मजाक उड़ाया और कहा कि राहुल मलेशियाई प्लेन की तरह गायब हो गए हैं जिनका कुछ पता नहीं लग पा रहा ' मोदी के मंत्री जी ने ये जोश में होश खोकर तो दे दिया..लेकिन इस बयान गिरिराज सिंह की रातों की नींद उड़ा दी है। गिरिराज के खिलाफ दिल्ली में ही नहीं मुंबई ,  बैंगलुरू और पटना में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया। कांग्रेस नेताओं ने तो गिरिराज सिंह के इस्तीफे की मांग तक कर डाली। इतना नहीं कांग्रेस ने मोदी के...