मंत्रिमंडल में किसको मिलेगी जगह

मोदी कैबिनेट में किसे मिलेगी जगह..और कौन होगा बाहर..किसको मिलेगा ईमानदारी का ईमान..ये बड़ा सवाल है..लेकिन इन सवालों के जवाब हमें 8 अप्रैल को मिलेंगे जब मोदी कैबिनेट का दूसरा विस्तार होगा। अटकले लगाई जा रही है कि 8 अप्रैल को मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है..मंत्रिमंडल विस्तार में प्रदर्शन और कामकाज के आधार पर कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और कुछ को प्रमोशन दिया जा सकता है। उन मंत्रियों पर गाज भी गिर सकती है जिनके कामकाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुश नहीं है। मोदी कैबिनेट का यह दूसरा विस्तार होगा।

मंत्रिमंडल के विस्तार में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईंद की बेटी महबूबा मुफ्ती और शिवसेना से अनिल देसाई को मंत्री बनाया जा सकता है। शिवसेना कोटे से दो लोगों को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। साथ ही मुख्तार अब्बास नकवी को कैबिनेट मंत्री बनाकर उनका प्रमोशन किया जा सकता है। अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला को कैबिनेट से हटा कर राज्यपाल बनाया जा सकता है। नजमा के जाने के बाद इस मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल राज्यमंत्री के रूप में काम कर रहे मुख्तार अब्बास नकवी को दी जा सकती है। नजमा के बाद मंत्रिमंडल से कलराज मिश्रा की भी छुट्टी की जा सकती है।  

मंत्रिमंडल के विस्तार में 4 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है..वहीं 3 मंत्रियों के प्रमोशन हो सकती है..जिनमें मुख्तार अब्बास नकवी, राजीव प्रताव और रेल राज्य मंत्रि मनोज सिन्हा का प्रमोशन संभव..वहीं सबसे बड़ी बात ये भी है कि इस बार मंत्रिमंडल में जिन 2 केंद्रीय मंत्रियों पर खतरे के बादल मंडरा रहे है उनमें रेल मंत्री सुरेश प्रभू और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का नाम शामिल है। इन 2 मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते है..लेकिन बड़ी यहां ये भी क्या पीएम मोदी को इन दोनों मंत्रियों के कामकाज करने का तरीका पसंद नहीं आया..क्योंकि ये दोनों मंत्रियों को कैबिनेट में इनकी छवि को देखकर ही शामिल किया था..और अब इनके कामकाज के तौर-तरीकों को देखकर इनके विभाग बदलने की तैयारी शुरू हो गई है।  
नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल पहला विस्तार 9 नवंबर 2014 को हुआ था जिसमें 21 नए चेहरों को शामिल किया गया था। फिलहाल मोदी कैबिनेट में कुल सदस्यों की संख्या 66 है। पिछली बार के विस्तार में नए चेहरों में चार को कैबिनेट, तीन को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 14 को राज्यमंत्री बनाया गया था। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश से चार, बिहार से तीन और गुजरात व राजस्थान से दो-दो मंत्री शामिल किए गए थे। इस बार यह देखना दिलचस्प होगा कि मोदी किस राज्य से ज्यादा मंत्रियों को कैबिनेट में जगह देते है।
 

Comments

Popular posts from this blog

खौफ़नाक मंज़र

दर्दनाक मौत

भारत माता पर विवाद