मोदी के मंत्री जी..ये क्या कह गए ?

  

हमारे देश में नेताओं की बदजुबानी तो आम बात है। कोई न कोई नेता अपनी जुबान से ऐसे तीर छोड़ देता है। जो आगे चलकर इन नेताओं की गले की फांस बन जाता है। इसी को क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब पीएम मोदी के कट्टर समर्थक और केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने सोनिया गांधी पर नस्लभेद की टिप्पणी की..जो अब उनके गले की फांस बन चुकी है। वो भी ऐसी फांस जो खेद जताने के बाद भी शांत नहीं हो रही है। गिरिराज सिंह ने कहा कि 'अगर राजीव गांधी ने किसी नाइजीरियन महिला से शादी की होती तो क्या कांग्रेसी उसे स्वीकारते..साथ ही गिरिराज ने राहुल गांधी के छुट्टी पर जाने का भी मजाक उड़ाया और कहा कि राहुल मलेशियाई प्लेन की तरह गायब हो गए हैं जिनका कुछ पता नहीं लग पा रहा'


मोदी के मंत्री जी ने ये जोश में होश खोकर तो दे दिया..लेकिन इस बयान गिरिराज सिंह की रातों की नींद उड़ा दी है। गिरिराज के खिलाफ दिल्ली में ही नहीं मुंबईबैंगलुरू और पटना में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया। कांग्रेस नेताओं ने तो गिरिराज सिंह के इस्तीफे की मांग तक कर डाली। इतना नहीं कांग्रेस ने मोदी के मंत्री की इस बदतमीजी के लिए मोदी से सफाई मांगी है। बयान मोदी के मंत्री ने दिया और सफाई मोदी जी मांगी जा रही है। ये तो गलत है..लेकिन कांग्रेस की मांग है तो सामने तो पीएम को आना ही पड़ेगा..और अपने कट्टर समर्थक गिरिराज पर सफाई भी देनी पड़ेगी।


हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गिरिराज पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि 'वो संकीर्ण मानसिकता के लोगों पर कुछ भी नहीं बोलना चाहतीं। ऐसे बयानों पर टिप्पणी करना मुनासिब नहीं है' लेकिन  ये पहली बार नहीं है जब किसी नेता ने ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया हो। इससे पहले टीएमसी के सासंद तापस पाल ने सारी सीमाएं लांघते हुए बेहद शर्मनाक बयान दे डाला।


बयान देने से पहले तापस पाल ने कभी नही सोचा होगा कि..उनके इस विवादास्पद बयान से भूचाल आ जाएगा। टीएमसी के सांसद तापस पाल ने सीपीआई-एम से जुड़ी महिलाओं का रेप करवाने की धमकी दे डाली। बढ़ते विवाद को देखते हुए सांसद तापस पाल ने मांफी भी..क्या माफी मांग लेने से तापस पोल को उनकी अशोभनीय भाषा के लिए माफ कर दिया जाएगा..जब तापस पाल ने खुले में रेप जैसी धमकी सांसद महिलाओं को दी..तो माफी मांगने के लिए तापस पाल ने बंद चारदीवारी ही क्यों ढूंढी..तो वहीं ममता बनर्जी अब तक इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों साधे बैठी हुई है।


इन नेताओं का देखकर ऐसा प्रतीत होता कि..सरकार ऐसे बड़बोले नेताओं के प्रति कितनी गंभीर है। कितनी सहज है..जहां एक ओर रेप जैसी घाटनाओं के लिए सरकार तमाम कानून बनाने का वादा करती है..तो वहीं कुर्सी पर बैठे नेता ऐसे बयान दे डालते जिसे सुनकर..किसी का भी सीना छल्ली हो जाए। क्या इन नेताओ को ऐसी अशोभनीय भाषा का प्रयोग करना शोभा देता है। आपकाहमारा जवाब..शायद एक जैसा होगा। 


सबसे बड़ा सवाल यहां ये है कि..जिस जनता ने इन्हे चुनकर सत्ता का स्वाद चखाया है। उसके ही खिलाफ बुतेके बयान ये कैसे दे देते है..अगर बात करें ऐसे नेताओ के बुतेके बयानों की तो नेताओ के बुतेके बयानों की फेहरिस्त काफी लंबी हैं। फेहरिस्त काफी लंबी हैं। कभी महिलाओं के पहनावे के लिए तो कहीं राजनीतिक चमकाने के लिए ये नेता नैतिकता की सारी मर्यादाओं का गला घोंट रहे है।




Comments

  1. jab tak is desh me anpadh neta chun kar aate rahenge tab tak yahi hota rahega....mere hisab se chunaw ladne ke liye IAS se bhi hard exam hona chahiye...kyun ki ye neta IAS officers se bhi upar hote hain tabhi desh ki tarraki sambhaw hai..
    your most welcome to my blog.
    http://iwillrocknow.blogspot.in/

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