व्यापमं या मौत का घोटाला
व्यापमं घोटाला या फिर मौत का घोटाला...जिस घोटाले की भेंट लगातार जिंदगिया चढ़ रही है..उस घोटाले में देश के पीएम मोदी क्यों मौन बन कर बैठ गए..विपक्ष लगातार उन्हें चुप्पी तोड़ने की सलाह दे रहा है..पीएम मोदी विदेश दौरे पर है..जब देश में और मध्यप्रदेश की जनता को उनकी सबसे ज्यादा जरुरत है...उस वक्त पीएम को विदेश दौरा याद आ रहा है..खैर पीएम मोदी की बात बाद में करेंगे लेकिन उससे पहले शिवराज सरकार की बात करते है। शिवराज जी आपके राज्य में क्या हो रहा है। बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में एक के बाद एक जिंदगी पर मौत का साया मंडरा रहा है..जिसमें 47 लोगों मौते हो चुकी है...ये मौते उन लोगों की है..जो किसी न किसी वजह से व्यापमं से जुड़े हुए थे...अगर ये आकड़ां बढ़ जाए तो हैरानी की बात नहीं होगी..क्योंकि व्यापमं घोटाला अब मौत का घोटाला बन चुका है..इस खौफनाक मंज़र में कई जिंदगी सांसे तो ले रही है..लेकिन उनकी सांसे कब छिन जाए ये किसी को नहीं पता। व्यापमं घोटाले में जिस तरह से विपक्ष अक्रमक हो गया है..उसके लगातार व्यापमं की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI से कराने की मांग कर रहा है। हालांकि 9 जुलाई...