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Showing posts from June, 2016

स्वामी का नया शिकार

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कभी कांग्रेस, कभी केजरीवाल, तो कभी महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग स्वामी के निशाने पर है। स्वामी चुन चुन कर उन लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल रहे है..जिन्होंने कभी न कभी मोदी सरकार के खिलाफ बोला था। बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी हर दिन एक नया शिकार चुन रहे है। हर दिन उनका शिकार बदल जाता है। राज्यसभा पहुंचने के बाद स्वामी ने सबसे पहले निशाने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिया..उसके बाद स्वामी की नज़र आरबीआई गवर्नर पड़ी। जिसके बाद स्वामी ने राजन को हटाने के लिए पीएम मोदी चिट्ठी लिखी।  राजन का मामला शांत होने के बाद स्वामी ने नया शिकार चुना, वो थेदिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग। अब स्वामी का नया शिकार बने है मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद  सुब्रमण्यम । स्वामी ने ट्वीट कर अरविंद  सुब्रमण्यम  को हटाने की मांग करते हुए लिखा कि  अनुमान लगाइए जीएसटी पर कांग्रेस को अपने रुख पर अड़े रहने के लिए किसने प्रोत्साहित किया ? जेटली के आर्थिक सलाहकार वॉशिंगटन डीसी के अरविंद सुब्रमण्यम।  कांग्रेस को उत्साहित करने के आरोप के बाद स्वामी ने फिर एक और ट्वीट किया। ज...

दिल्ली में महाभारत

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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर सियासी घमासान छिड़ गया है। तीन के अनशन के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने महेश गिरि का अनशन खत्म करवाया..लेकिन घमासान अभी शांत नहीं हुआ है। सांसद महेश गिरि ने केजरीवाल को फिर खुली बहस की चुनौती दी।   हालांकि महेश गिरि ने कहा कि   केजरीवाल के खिलाफ उनका प्रोटेस्ट जारी रहेगा।   अगर उनके पास सबूत है तो वे जब कहेंगे , जहां कहेंगे में बहस करने आ जाउंगा।   मैने उन्हें बुलाया था , नहीं आए , मैं उनके घर भी आ गया लेकिन वे यहां से भी भाग गए यह मेरी जीत है। हालांकि केजरीवाल ने महेश गिरि की इस चुनौती को स्वीकार करते है या नहीं..ये बात अलग है। फिलहाल केजरीवाल महेश गिरि को हत्या में शामिल होना का आरोपी मानते है। इसी वजह से केजरीवाल , महेश गिरि से खुली बहस नहीं करना चाहते है।   महेश गिरी के धरने पर बैठने के बाद केजरीवाल सोमवार को पहली बार सामने आकर कहा   एक ईमानदार अफसर का मर्डर हो गया। बीजेपी का ये सिस्टम है कि जो हत्या करे , उसे केजरीवाल के घर के सामने धरने पर बैठा दो। पुलिस महेश गिरी को अरेस्ट करके जांच करे। लेकिन पुलिस इ...

राजन पर राजनीति

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मोदी सरकार के सामने एक और मुश्किल खड़ी हो गई है। यह मुश्किल रघुराम के राम राम पर शुरू हुई है। रघुराम राजन से साफ इनकार कर दिया है कि..वो केंद्रीय बैंक के प्रमुख के तौर पर दूसरा कार्यकाल नहीं चाहते हैं। “ मुद्रास्फीति नियंत्रण , बैंकों बही-खातों की सफाई का काम पूरा नहीं हुआ है, सरकार के साथ विचार-विमर्श और परामर्श के बाद कार्यकाल पूरा होने पर जाने का फैसला किया है, वह देश की सेवा के लिए हमेशा उपलब्ध होंगे। मेरे उत्तराधिकारी रिजर्व बैंक को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे ” । हालांकि अरुण जेटली ने राजन के फैसले का स्वागत किया है। “ रघुराम राजन अपने फैसले के लिए स्वतंत्र हैं..और सरकार के साथ उनका बेहतरीन तालमेल रहा..नए आरबीआई गवर्नर के नाम का जल्द ऐलान किया जाएगा ” । रघुराम राजन को पिछली यूपीए सरकार ने सितंबर 2013 में रिजर्व बैंक का गवर्नर नियुक्त किया था। अब राजन का कार्यकाल 4 सितंबर को समाप्त हो रहा है..हालांकि राजन ने रिजर्व बैंक के कर्मचारियों को एक संदेश भी जारी किया है..जिसमें लिखा था कि.. “ उचित सोच-विचार और सरकार के साथ परामर्श के बाद मैं आपके साथ यह साझा करना चाहता हूं कि ...

विज्ञापन पर घिरे केजरीवाल

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दिल्ली के सीएम या आरोप लगाने वाले सीएम। इन साहब को आपने बहुत बार सुना होगा..और इनके निशाने अब पर सीधे सीधे बीजेपी है। मौका कोई भी हो..लेकिन केजरीवाल साहब मोदी सरकार पर हमला करना नहीं भूलते। अब केजरीवाल को..केजरीवाल की भाषा में जवाब देने के लिए मोदी सरकार के मंत्री सामने आए है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने केजरीवाल पर विज्ञापन के फंड का इस्तेमाल मीडिया से जोड़-तोड़ करने में खर्च करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार दोस्ताना संबंध वाले चैनलों-अखबारों को विज्ञापन देती है। वहीं आलोचना करने वाले मीडिया हाउस को विज्ञापन नहीं दिया जाता। जेटली ने विज्ञापन मामले को लेकर केजरीवाल सरकार और उनके करीबी पर सवाल खड़े कर दिये है..वहीं बीजेपी नेता आरपी सिंह ने भी केजरीवाल गंभीर आरोप लगाते हुए कहा  कि वाटर टैंकर घोटाले में कांग्रेस के साथ केजरीवाल की भी मिलीभगत नजर आ रही है। केजरीवाल को अब तक पुराना टेंडर रद्द कर देना चाहिए था.. बीजेपी केजरीवाल पर अक्रामक हो गई है..क्योंकि कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने संसदीय सचिवों की नियुक्ति और उड़ता पंजाब फिल्म को लेकर मोदी सरकार और बा...

कैराना पर सियासत

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कैराना को लेकर राजनीति तेज़ हो गई है। कैराना से हिंदुओं के कथित पलायन मामले की जांच को लेकर गठित बीजेपी का 9 सदस्यीय जांच दल कैराना पहुंच कर इस मामले की जांच कर रहा है। बीजेपी का जांच दल पार्टी के नेता विधानमण्डल दल सुरेश खन्ना है। जांच दल में खन्ना के अलावा डा. राधामोहन दास अग्रवाल , सांसद बागपत डा. सतपाल सिंह , सांसद सहारनपुर राघव लखन पाल शर्मा , सांसद बुलन्दशहर डा. भोला सिंह , सांसद अलीगढ सतीश गौतम , सांसद आंवला धर्मेन्द्र कश्यप , यूपी के पूर्व डीजीपी बृजलाल हैं। अब सवाल बीजेपी भी उठने लगा है क्या बीजेपी का जांच दल कैराना कांधला को लेकर ठीक जांच करेगा या नहीं ? कैराना को लेकर बीजेपी सांसद हुकुम सिंह ने पहले 346 परिवारों की सूची जारी कर कहा था कि..इन्हें इस कस्बे को छोड़ने पर मजबूर किया गया जहां 85 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है। 2013 में सांप्रदायिक दंगे देखने वाले शामली जिले में कैराना कस्बा पड़ता है। हुकुम सिंह ने मंगलवार को 63 हिंदू परिवारों की एक और सूची जारी की और दावा किया कि..उन्हें शामली जिले के कांधला कस्बे को छोड़कर जाना पड़ा। वहीं बीजेपी सांसद हुकुम सिंह ने मंगलवार...

कैराना का सच..कितना डरवाना!

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क्या है कैराना का सच ? कैराना से लोगों के पलायन करने की असली वजह क्या है ? इसके पीछे की बड़ी वजह क्या है ? यह बात लगातार परेशान कर रही है..क्योंकि एक घर बनाने में सालों लग जाते है। घर में खुशियों की मौजूदगी रहे हर परिवार इसकी दुआ करता है। वहीं अगर ज़िंदगी बचाने के लिए अपने पूर्वजों की ज़मीन को..अपने सपनों के घर को छोड़ना पड़े तो इससे बड़ा दुर्भाग्य कोई नहीं होता है। ऐसी ही कहानीं है कैराना से पलायन करने वाले लोगों की। कैराना तो एक है लेकिन इसकी कहानियां अनेक है। कैराना से जुड़ी कहानी जो अब सामने आई है। वो ये है कि कैराना से हिंदू परिवार पलायन कर रहे है। करीब 346 परिवार पलायन कर चुके है। लेकिन दावा ये भी है कि हिंदू परिवार ही नहीं कुछ मुस्लिम परिवार भी यहां से पलायन कर चुके है। कोई कुछ भी कहे , मगर सच यही है कि क़ौमी एकता के हामी रहे उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले के कैराना कस्बे की कीर्ति कलंकित हो चुकी है। रंगदारी , अपहरण , लूटपाट और हत्या की लगातार वारदातों ने अवाम का चैन छीन लिया है। पिछले करीब चार वर्षों में भय के मारे ढाई सौ से भी ज्यादा हिदू परिवारों ने यहां से पलायन कर लि...

आतंक पर दोस्ती भारी

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ये दोस्ती कुछ खास है। दुश्मनों के होश उड़ाने के लिए तैयार है। इस दोस्ती की धमक से आतंकियों को धमाके की गूंज अभी से सुनाई देने लगी है..और दे भी क्यूं ना..इस दोस्ती ने आतंकवाद के खिलाफ आवाज़ जो बलुंद कर दी है। ओबामा ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों के खिलाफ , खोखली बयानबाजी करने के बजाए ठोस कार्रवाई करे। आतंकवाद के खिलाफ ऐसी गड़गड़ाहट से किसी भी आतंकी के पसीने छूट जाए..और इस गड़गड़ाहट से पाकिस्तान ही नहीं पाकिस्तान के आतंकी भी बुरी तरह बौखला गए हैं। मोस्ट वाटेंड पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद ने भारत से दोस्ती को लेकर अमेरिका के खिलाफ शुक्रवार को जमकर जहर उगला। हाफिज़ सईंद ने कहा कि भारत और अमेरिका , पाकिस्तान के खिलाफ दुश्मनी में एकजुट हो गए हैं। शुक्रवार की नमाज के बाद आतंकी हाफिज सईद ने अमेरिका के खिलाफ जमकर जहर उगला। सईद ने पाकिस्तानी सेना से कहा कि अगर कोई भी अमेरिकी ड्रोन पाकिस्तान की सीमा में एंट्री करता है तो उसे मार गिराओ अब आतंकियों को उनके खात्मे का डर सताने लगा है। इससे पहले भी हाफिज सईंद ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर गीदड़ भभकी दिखाई थी। किस्तान भारत के...

दर्दनाक मौत

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इन तस्वीरों को देखिये...जरा गौर से..आपको भी हैरानी होगी..सत्ता में बैठा कदरदान किस तरह से शक्तिमान पर लाठियां बरसा रहा है। अब इन तस्वीरों को देखिये जिनमें शक्तिमान के लिए अपार प्रेम उमड़ रहा है। शक्तिमान के तेज़ से अपराधियों के छक्के छूट जाते थे। हौसले की गथाएं गायी जाती है..लेकिन अब ये गथाएं इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गई है..क्योंकि अब शक्तिमान हमारे बीच नहीं रहा है। शक्तिमान वो जबाज़ सिपाही था जिसने कभी झुकना नहीं सिखा..लेकिन जिनके लिए उसने काम किया। वहीं उसकी मौत के जिम्मेदार बन गए। उत्तराखंड पुलिस के घोड़े ' शक्तिमान ' ने 37 दिनों के बाद बुधवार को आखिरकार दम तोड़ दिया। 14 मार्च को बीजेपी के प्रदर्शन में जख्मी होने के बाद उसका बायां पैर काटा गया था। तब से वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया था। उत्तराखंड पुलिस के घोड़े ' शक्तिमान ' ने 37 दिनों के बाद बुधवार को आखिरकार दम तोड़ दिया। 14 मार्च को बीजेपी के प्रदर्शन में जख्मी होने के बाद उसका बायां पैर काटा गया था। तब से वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया था। इस मामले के आरोपी बीजेपी एमएलए गणेश जोशी ने सफाई दी ...