क्या है कैराना का सच? कैराना
से लोगों के पलायन करने की असली वजह क्या है? इसके पीछे की
बड़ी वजह क्या है? यह बात लगातार परेशान कर रही है..क्योंकि एक
घर बनाने में सालों लग जाते है। घर में खुशियों की मौजूदगी रहे हर परिवार इसकी दुआ
करता है। वहीं अगर ज़िंदगी बचाने के लिए अपने पूर्वजों की ज़मीन को..अपने सपनों के
घर को छोड़ना पड़े तो इससे बड़ा दुर्भाग्य कोई नहीं होता है। ऐसी ही कहानीं है
कैराना से पलायन करने वाले लोगों की। कैराना तो एक है लेकिन इसकी कहानियां अनेक है।
कैराना
से जुड़ी कहानी जो अब सामने आई है। वो ये है कि कैराना से हिंदू परिवार पलायन कर
रहे है। करीब 346 परिवार पलायन कर चुके है। लेकिन दावा ये भी है कि हिंदू परिवार
ही नहीं कुछ मुस्लिम परिवार भी यहां से पलायन कर चुके है। कोई कुछ भी कहे,
मगर सच यही है कि क़ौमी एकता के हामी रहे उत्तर प्रदेश के शामली
ज़िले के कैराना कस्बे की कीर्ति कलंकित हो चुकी है। रंगदारी, अपहरण, लूटपाट और हत्या की लगातार वारदातों ने अवाम
का चैन छीन लिया है। पिछले करीब चार वर्षों में भय के मारे ढाई सौ से भी ज्यादा
हिदू परिवारों ने यहां से पलायन कर लिया।
कैराना
की सच्चाई क्या है? अब हर कोई जनना चाहता है.. लेकिन
कैराना को लेकर राजनीति भी कम नहीं हो रही हैं...केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण
रिजिजू का कहना है कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने अभी तक केंद्र को यह नहीं बताया
है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना का मामला आख़िर क्या है। दरअसल कई दिनों
से मीडिया में उत्तर प्रदेश के कैराना को लेकर अलग अलग तरह की खबरें चल रही हैं। कुछ
ख़बरों के मुताबिक वहां से कई हिंदू परिवारों ने पलायन किया है..जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों के मुताबिक ये बात सही नहीं है। हालांकि किरण
रिजिजू ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि..केंद्र की तरफ़ से उत्तर
प्रदेश की सरकार को हर संभव मदद का वादा किया है।
दूसरी
ओर केंद्रीय क़ानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने भी मामले की गंभीरता को भांपते हुए कहा
कि..कैराना के हालात इतने गंभीर हैं कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया
जाना चाहिए।
अख़बारों
की बात करें तो अंग्रेज़ी के अख़बार कुछ कह रहे हैं..जबकि हिंदी के अख़बार कुछ और
ही कह रहे हैं। जाहिर है जो खबरें चल रही है..उनसे कई सवाल खड़े हो जाते है। सवाल
यह भी है कि क्या है 'हिन्दुओं के साथ कश्मीर में 1990
में जो हुआ था वो अब कैराना के हिन्दुओं के साथ हो रहा है? इस बात में कितनी सच्चाई है इसका सामने आना बेहद जरूरी हो जाता है।
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