स्वामी का नया शिकार
कभी कांग्रेस, कभी केजरीवाल, तो कभी महत्वपूर्ण पदों पर बैठे
लोग स्वामी के निशाने पर है। स्वामी चुन चुन कर उन लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल रहे
है..जिन्होंने कभी न कभी मोदी सरकार के खिलाफ बोला था। बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम
स्वामी हर दिन एक नया शिकार चुन रहे है। हर दिन उनका शिकार बदल जाता है। राज्यसभा
पहुंचने के बाद स्वामी ने सबसे पहले निशाने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को
लिया..उसके बाद स्वामी की नज़र आरबीआई गवर्नर पड़ी। जिसके बाद स्वामी ने राजन को
हटाने के लिए पीएम मोदी चिट्ठी लिखी।
राजन का मामला शांत होने के बाद स्वामी ने
नया शिकार चुना, वो थेदिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग। अब स्वामी का नया शिकार
बने है मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम। स्वामी ने ट्वीट कर
अरविंद सुब्रमण्यम को हटाने की मांग करते हुए लिखा कि अनुमान
लगाइए जीएसटी पर कांग्रेस को अपने रुख पर अड़े रहने के लिए किसने प्रोत्साहित किया? जेटली के आर्थिक सलाहकार
वॉशिंगटन डीसी के अरविंद सुब्रमण्यम।
कांग्रेस को उत्साहित करने के आरोप के बाद स्वामी ने फिर एक
और ट्वीट किया। जिसके बाद स्वामी ने मुख्य आर्थिक सलाहकार पर सवाल खड़े करते हुए
कहा कि अमेरिकी कांग्रेस को 13/3/13 को किसने कहा कि अमेरिकी दवा
कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए अमेरिका को भारत के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए? अरविंद सुब्रमण्यम, वित्त मंत्रालय, उन्हें हटाया जाए। अरविंद
सुब्रमण्यम से पहले स्वामी ने आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन और दिल्ली के उपराज्यपाल
के खिलाफ मोर्चा खोल चुके है। हांलाकि विरोधी पार्टिया तो अक्सर उनके निशाने पर
रहती है।
जिस वक्त दिल्ली से सांसद महेश गिरि धरने पर बैठे थे। उसी दौरान स्वामी
ने केजरीवाल पर हमला बोलने के साथ नजीब जंग को भी अपने निशाने पर लेते हुए कहा कि
'एलजी को बर्खास्त कर देना
चाहिए। ये भी रोज अहमद पटेल की सलाह पर काम करते हैं। संविधान के खिलाफ काम कर
रहे हैं। दिल्ली की सरकार को भी बर्खास्त कर देना चाहिए। अब राज्य की बदहाली के
बारे में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात करूंगा। जाहिर है
कि जिस तरह सुब्रमण्यम स्वामी एक बाद एक नया शिकार बदल रहे है.. उससे साफ नज़र आता
है कि आने वाले समय में सुब्रमण्यम स्वामी मोदी सरकार के लिए मुसीबतों का पहाड़
खड़ा कर सकते है...

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