बदले-बदले मोदी

बदला मिजाज.. बदले अंदाज.. बदली रणनीति... और मौसम भी बदल गया..वैसे सर्दियों का मौसम करवट ले चुका है..और हल्का हल्का खुशनुमा मौसम आ गया है..और इसी मौसम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बदले बदले से नजर आ रहे है..जिन मुद्दों पर कुछ नहीं बोलते थे..उन मुद्दों पर चुप्पी तोड़ रहे हैं..जिन पर हमला करते नहीं थकते थे..अब उनसे दोस्ती निभा रहे हैं। दिल्ली में हार के बाद प्रधानमंत्री मोदी का अंदाज बदल गया है। एक हार इंसान को इतना बदल देती है..लेकिन विश्वास नहीं होता..विश्वास करना बेहद जरूरी है..क्योंकि पीएम मोदी बदल चुके है।


प्रधानमंत्री मोदी जिस केजरीवाल पर तीखे हमले किया करते थे..अब खांसी पर उनकी खैरियत पूछ रहे हैं..मोदी के सुर शरद पवार से लेकर अरविंद केजरीवाल तक बदल गए हैं। मोदी का अंदाज अब बदला हुआ है.. और रणनीति भी बदल गई है। लोकसभा चुनाव के बाद दिल्ली में पहली बार बीजेपी का विजय रथ रुका..वो भी करारी हार के साथ...और अब नौ महीने तक काम करने के बाद मोदी सरकार अपना पहला बजट पेश करने वाली है..मोदी की बदली हुई रणनीति बजट से पहले की तैयारी का ही हिस्सा है। मोदी बजट पर बैटिंग करने से पहले हर मोर्चे पर फील्डिंग सजा रहे हैं..ताकि इस बार कैच आउट होने की गुंजाइश बाकी ना रहे..लेकिन मोदी जी ये राह इतनी आसान नहीं है जरा संभलकर चलना..बड़े धरने है इस राह में..बड़े हमले है संसद में..बिल्कुल जी..ये कहावत आज मोदी जी पूरी तरह सूट हो रही है।


दिन सोमवार दूसरे महीने की 24वीं तारीख..संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण हुआ..सरकार की महत्वाकांझी योजनाओं का जिक्र हुआ..जहां एक ओर सरकार अपना पहला बजट पेश करने की तैयारी रही थी..वहीं दूसरी ओर सामजसेवी अन्ना हजारे मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल बैठे। दिल्ली के जंतर मंतर पर सैकड़ों किसानों के साथ भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ धरना दिया..सरकार को खूब खरी खोटी सुनाई..ये वहीं अन्ना है जिसने साल 2011 में जनलोकपाल बिल को यूपीए के खिलाफ धरना प्रदर्शन दिया था..तब से ही कांग्रेस की उल्टी गिनती शुरू हो गई थी..नरेंद्र मोदी कामयाबी बुलंदी छुने लगे।


दिन बदल गए है..वक्त भी बदल गया है..और इसी के साथ हालात भी बदल गए है..अब अन्ना जंतर मंतर पर कांग्रेस के खिलाफ नहीं..मोदी सरकार के खिलाफ धरने दे रहे है..कांग्रेस के खात्मे को देखते हुए मोदी सरकार एक एक कदम जरा सोच समझकर उठा रही है..मोदी सरकार ने लोकसभा में भूमि अधिग्रहण बिल पेश किया..बिल पेश होने के बाद हंगामा शुरू हो गया।

लोकसभा में बिल पेश होने से पहले सभी दलों ने एकजुट होकर मोदी के रास्ते में रुकावट पैदा की..टीएमसी, कांग्रेस, बीएसपी, एसपी और जेडीयू ने सुर में सुर मिलाकर मोदी पर जुबानी हमला किया..और इस बिल को किसानों के साथ ठगी करार दिया..तो वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार की नाक में दम करने के लिए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी तैयार है..केजरीवाल ने जंतर मंतर अन्ना के साथ मंच साझा किया..मोदी सरकार के खिलाफ धरना दिया।



जाहिर है कि जिस तरह से सदन में भूमि अधिग्रहण बिल पर हंगामा हो रहा है..उससे तो साफ हो गया है कि राज्यसभा में विपक्ष भूमि अधिग्रहण बिल को आसानी से पास नहीं होने देगा..लेकिन मोदी का अंदाज बदल गया है तो मोदी भूमि अधिग्रहण बिल को पास कराने के लिए कोई न कोई आईडिया ढूढ़ ही लेंगे..शायद कोई सुझाव मोदी के दिमाग में आ गया हो..बहरहाल भूमि अधिग्रहण बिल पास होने से किसे फायदा होगा और किसे नहीं ये तो वक्त बताएगा।  
    


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