हिंदुस्तान में रहने वाले कौन?

हिंदुस्तान किसका है ? और इसमें रहने वाले कौन है ? काफी सारे सवाल जहन में उठने लगते है..जब समाज के चंद ठेकेदार हिंदुस्तान की व्याख्या करने लगते है..जमियत उलेमा के मुफ्ती मोहम्मद इलियास ने एक विचलित करने वाला बयान दे दिया..मुफ्ती मोहम्मद ने भगवान शंकर का मुस्लिमों का पहला पैगंबर बताया..साथ ही उन्होंने तो शंकर-पर्वती को माता पिता तक कह डाला..जिसका हिंदू धर्म गुरूओं ने सम्मान किया लेकिन मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध किया..साथ ही जमीयत उलेमा की सोच पर एक प्रश्न चिन्ह लगा दिया.. ये सोचने वाली बात है..कि क्या हिंदुस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है। हमेशा से ही चर्चा का विषय बना रहा है। एक बड़ा सवाल और बड़ा मुद्दा भी..समाज के कुछ ठेकेदार में ये धर्म पर कुछ भी बोलने कभी परहेज नहीं करते है। इसका अंजाम क्या होगा लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। जहां सभी धर्मों के लोग रहते है। सभी धर्मों का आदर, सम्मान किया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ये बात कह चुके है कि..किसी भी धार्मिक हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा...लेकिन उसके बाद भी विवादित बयान देने की होड़ लगी है..जिसे देखों वहीं विवादित बोलता है..जो आगे चलकर उसी के गले की हड्डी बन जाती है..इस बार हिंदूत्व का राग आलपने वाली आरएसएस या फिर वीएचपी नहीं है..हिंदू राग नहीं अलापा है..इस बार तो जमीयत उलेमा के मुफ्ती मोहम्मद इलियास ने इस क्रम को आगे बढ़ाया है। जमीयत उलेमा के मुफ्ती मोहम्मद इलियास ने फैजाबाद में कहा कि..भगवान शंकर मुस्लिमों के पहले पैगंबर हैं। इस बात को मानने में मुसलमानों को कोई गुरेज नहीं है। मौलाना यहीं नहीं रुके और बोलते चले गए..आगे मौलाना ने कहा मुसलमान भी सनातन धर्मी हैं और हिंदुओं के देवता शंकर और पार्वती हमारे भी मां-बाप हैं। वहीं मौलाना ने आरएसएस के हिंदू राष्ट्र वाली बात पर कहा कि..मुस्लिम हिंदू राष्ट्र के विरोधी नहीं हैं। जिस तरह से चीन में रहने वाला चीनी। अमेरिका में रहने वाला अमेरिकी है..उसी तरह से हिंदुस्तान में रहने वाला हर शख्स हिंदू है। ये तो हमारा मुल्की नाम है। जब हमारे मां-बाप, खून और मुल्क एक है..तो इस लिहाज से हमारा धर्म भी एक है। 


जहां एक ओर मौलाना अपने बयान पर कायम है..वहीं दूसरी ओर जमीयत उलेमा के मुफ्ती मोहम्मद इलियास के बयान का विरोध भी किया गया। फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम ने इसे गलत बताया है..ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी ने ये कहा हो कि हिंदूस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है..इससे पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुत्व को लेकर विवादित बयान था।आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा 'हिंदुत्व हमारे राष्ट्र की पहचान है..और ये दूसरे धर्मों को खुद में समाहित कर सकता है। भारत के प्राचीन मूल्यों को देखकर सारी दुनिया कहती है कि आप हिंदू हैं। वो प्राचीन मूल्य है जिनको लेकर आप चलोगे, जिनको लेकर आप बोलोगे तो सारी दुनिया कहती है कि आप हिंदू हो, क्योंकि उन्हीं को हिंदू मूल्य के नाते पहचाना जाता है। हिंदुत्व हमारे राष्ट्र की पहचान है। उसमे अनेक पंथ संप्रदाय है। उसकी ये शक्ति है कि और भी अनेक पंथ संप्रदाय को वो हजम कर सकता है।''

 आरएसएस के बाद वीएचपी ने अशोक सिंघल ने हिंदुत्व राग अलापते हुए कहा कि दिल्ली में 800 साल बाद हिंदुओं की सरकार बनी है। 800 साल बाद दिल्ली में हिंदू स्वाभिमानियों के हाथ सत्ता आई है। दिल्ली में पृथ्वीराज चौहान के बाद पहली बार हिंदुओं के हाथ सत्ता आई है’..सिंघल के इस बयान सत्ता में मोदी सरकार के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी थी..और विवादों को हवा दे दी..तब से लेकर अब तक किसी न किसी दिन आरएसएस या फिर वीएचपी के नेता विवादित बयान देने में सबसे आगे रहते है। 


धर्मांतरण को भी आरएसएस ने ही हवा दी..जबा यूपी के आगरा में 50 परिवारों के 250 से ज्यादा लोगों धर्म परिवर्तिन करा दिया..लेकिन इस बार कोई आरएसएस या वीएचपी या फिर बीजेपी नेता हिंदुत्व राग नहीं अलाप रहा है..अब तो जमीयत उलेमा के मुफ्ती मोहम्मद इलियास ने देवों के देव महादेव को मुस्लिम धर्म का पहला पैगंबर बताया है..और हिंदुस्तान में रहने वाले हर व्यक्ति को हिंदू का दर्जा दिया है।      

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