मोदी के बदले फरमान
26 मई को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री की कमान संभाली..जिसके बाद मोदी
ने अपने मंत्रियों को महामंत्र दिया..महामंत्र देते हुए मोदी ने सख्त लहजे में
मंत्रियों को हिदायत दी कि..
वे जनता की उम्मीदों का पूरा ख्याल रखे और परिवारवाद को
पार्टी से दूर रखे...इसके साथ ही मोदी ने एक ओर फरमान जारी किया...यूपीए काल का
कोई भी अफसर या कर्मचारी मौजूदा सरकार का हिस्सा नहीं होगा..लेकिन महज 2 महीने के
अंदर ही मोदी ने अपने 2 मंत्रियों के लिए अपने आदेश में बदलाव कर दिया..मोदी के पहले फरमान के चलते गृहमंत्री राजनाथ...
सिंह से उनका सचिव दूर
हो गया..तो वहीं दूसरे फरमान के चलते वित्त मंत्री अरुण जेटली को उनका सचिव रखने
पर राहत मिल गई। सत्ता संभालने के 15 दिन बाद 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ने फरमान जारी किया था कि यूपीए सरकार के दौर के नौकरशाहों को मोदी सरकार में न
रखा जाए..जिसका असर ये हुआ कि कई मंत्रियों तो अपने सेक्रेटरी तक को बदलना
पड़ा..गृहमंत्री भी अपने चहेते नौकरशाहों को नहीं रख पाए..तो वहीं 3 दिन पहले
महीने भर पहले के फरमान में सुधार कर दिया गया।
जाहिर है कि..जब नये फरमान के चलते सब ठीक था तो इस सुधार की जरूरत
क्यों पड़ी...ये भी सस्पेंस है..हालांकि राजीतिक गलियारे में ये भी माना जा रहा है
कि..
अरूण जेटली अपने पुराने सचिव को साथ रखना चाहते थे..तो मोदी को अपना फरमान
बदलना पड़ा..अब इसका फायदा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी मिलेगा..सुषमा अपने
पुराने सचिव को अपने साथ रख सकती है..
तो वहीं इस बदलाव के चलते उन मंत्रियों को
लाभ मिलेगा..जिन्हें पहले फरमान के बाद ड्राइवर और पियून तक बदलने पड़े थे..अब ये
देखना होगा कि मोदी का बदला फरमान कितना फायदेमंद साबित होता है।
अरूण जेटली अपने पुराने सचिव को साथ रखना चाहते थे..तो मोदी को अपना फरमान
बदलना पड़ा..अब इसका फायदा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी मिलेगा..सुषमा अपने
पुराने सचिव को अपने साथ रख सकती है..
तो वहीं इस बदलाव के चलते उन मंत्रियों को
लाभ मिलेगा..जिन्हें पहले फरमान के बाद ड्राइवर और पियून तक बदलने पड़े थे..अब ये
देखना होगा कि मोदी का बदला फरमान कितना फायदेमंद साबित होता है।
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