दिल्ली के दंगल में..किसकी जीत ?






दिल्ली का किला कौन फतह करेगा...और कौन दिल्ली की कुर्सी पर काबिज होगा...ये एक बड़ा सवाल है...लेकिन 7 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव है...और सभी उम्मीदवारों की किस्मत की चाबी जनता के पास है..जनता किसे चुनती है...और किसे नकार देगी...ये तो 10 फरवरी को पता चलेगा...लेकिन जिस तरह का महौल इन दिनों दिल्ली में देखने को मिल रहा है...वो काफी दिलचस्प है..और रोमांचक भी..


चुनाव नजदीक हैं..तो सियासी हमले भी तेज हैं...तो वहीं आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी खूब गरमाती जा रही है..वहीं दिल्ली के इस दंगल का रोमांच दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है..सभी राजनीतिक दल दिल्ली का किला फतह करने के लिए रणनीति तैयार कर रहे है..

रणनीति बनाई भी क्यों न जाए..क्यों दिल्ली पर राज करना हर कोई चाहता है...और इतिहास खंगाल कर देखे तो दिल्ली सभी की पसंदीदा रही है..केंद्र पर काबिज मोदी सरकार की नजरे भी अब दिल्ली फतह करने पर है..और पार्टी ने इसकी कमान बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह के हाथों में सौंपी है...इसी के चलते अमित शाह ने सभी नेताओं को फटकार लगाई...और ढंग से काम करने की नसीहत भी दी..दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने की इस जंग में बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है..पार्टी ने विभिन्न राज्यों के 120 सांसदों को उतारकर नई चाल चली है..इसके अलावा रैलियों और दूसरी रणनीतियों से बीजेपी अपनी किलेबंदी कर रही है।


अब इस चुनावी दंगल में बहुत ही कम समय बचा है..हर राजनीतिक दल जनता जनार्दन को लुभाने के लिए रैलियों के रण में कूद पड़ा है..तो वहीं बीजेपी के लिए दिल्ली नाक का सवाल बन गई है..लिहाजा पार्टी ने सारी ताकत रैलियों में ही झोंकने का फैसला किया है..दिल्ली में बीजेपी ने करीब 250 छोड़ी बड़ी रैलियों की योजना बनाई है..रैलियों में पार्टी के नेता विरोधियों पर हमला करेंगे...इसके अलावा पार्टी अरविंद केजरीवाल से हर रोज 5 सवाल करेगी..वोटर लिस्ट के हर पन्ने पर पन्ना प्रमुख की निगरानी रहेगी..150 सांसद पन्ना प्रमुखों के संपर्क में रहेंगे.. यही नहीं पार्टी घोषणा पत्र की बजाय अब विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है..

रैलियों में तड़का लगाने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू जैसे चुटीले वक्ताओं से लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे नेता भी शामिल हैं..इन रैलियों में दिल्ली के विकास को लेकर पार्टी का नजरिया, केंद्र सरकार की उपलब्धियों और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कामयाब भारत दौरे का मुद्दा होगा..तो वहीं विरोधी पार्टियां पहले ओबामा के दौरे को लेकर बीजेपी पर जुबानी हमला बोल रही है..आम आदमी से बनी खास पार्टी भी कम कसर नहीं छोड़ रही है..दिल्ली पर फिर से काबिज होने के लिए वो तमाम हथकंडे अपना रही है..जो एक राजनीति पार्टी अपनाती है..केजरीवाल अपनी जनसभाओं में जनता जर्नादन को रिझाने की पुर जोर कोशिश कर रहे है..वहीं पार्टी गुल पनाग जैसी सेलेब्रिटी और भगवंत मान जैसे सांसदों की टीम के जरिए अपनी सियासी जमीन बचाने की तैयारी में है..देखना है कि दिग्गजों की रैलियों के इस रेले का जनता पर कितना असर होता है..और कौन सी पार्टी जनता के दिल पर राज करने के साथ दिल्ली के किले की लामबंदी कर पाती है...


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