66वें गणतंत्र दिवस पर 3 विवाद



देशभर में 66 वां गणतंत्र दिवस मनाया गया..इस बार गणतंत्र दिवस कई पहली बार कई चीजें देखने को मिली...जहां कुछ नया देखने को मिला वहीं इस मौके पर तीन बड़े सियासी विवाद सामने आए...

पहला विवाद राजपथ पर तमाम राज्यों की झांकियां के साथ पश्चिम बंगाल की झांकी के न होने से खड़ा हुआ...पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिलने की वजह से उसके राज्य की झांकी राजपथ पर परेड में शामिल नहीं हो सकी..

गणतंत्र दिवस पर दूसरा विवाद अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने खड़ा किया..जो कि दिल्ली चुनाव में बीजेपी को चुनौती देने के लिए कोई न कोई बहाना ढूंढती रहती है..आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाया है कि दिल्ली के सीएम रहे केजरीवाल को परेड में आने के लिए न्योता क्यों नहीं दिया गया।

तीसरा विवाद जुड़ा है तमिलनाडु में हुए गणतंत्र दिवस समारोह से..जहां सरकार की झांकी में जयललिता की तस्वीर लगाए जाने पर डीएमके ने सरकार पर तीखा हमला बोला..झांकी में दोषी व्यक्ति की तस्वीर लगाए जाने को डीएमके ने जनता का अपमान बताया और माफी की मांग की।

एक तरफ जहां देश गणतंत्र दिवस मना रहा था..वहीं दूसरी ओर इस मौके पर राजनीति भी खूब हुई..इन तीनों विवादों से गणतंत्र पर जमकर बवाल मचा..बीजेपी और टीएमसी में पहले से ही छत्तीस का आंकड़ा है..और इसकी झलक राजपथ पर साफ दिखी...राजपथ पर तमाम राज्यों की झांकियां दिखी..
लेकिन पश्चिम बंगाल की झांकी नदारद रही..ये एक बड़ा सवाल था..लेकिन टीएमसी ने सफाई दी और केंद्र सरकार पर आरोप मढ़ दिया..टीएमसी का कहना है कि केंद्र सरकार एक तरफ तो नारी सशक्तिकरण की बात कर रही है..तो वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की कन्याश्री योजना को झांकी में दर्शाने के प्रस्ताव को नामंजूर करती है...

जो रही कही कसर थी...वो आम आदमी पार्टी से बनी खास पार्टी ने पूरी कर दी...आम आदमी पार्टी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर एक ऐसा विवाद खड़ा कर दिया..जिसकी कल्पना करना भी सोच से परे होगा..मामला दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जुड़ा है...केजरीवाल को केंद्र सरकार ने परेड में आने का न्योता नहीं दिया..जबकि बीजेपी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी को परेड में आने का न्योता दिया..बल्कि पहली पंक्ति में बैठने की जगह दी..और कैमरा भी उन्हीं को बार-बार फोकस करता रहा...ये बात आम आदमी पार्टी को हजम नहीं हुई...और फिर क्या था केजरीवाल और किरण बेदी आमने-सामने आ गए..जिसने विवाद का रूप ले लिया।

ममता बनर्जी, केजरीवाल के बाद विवाद की तमिलनाडु में भी सुलगने लगी..और

गणतंत्र दिवस समारोह में सूबे की झांकी में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की फोटो लगाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया..डीएमके नेता ने कहा कि तमिलनाडु सरकार जनता को लगातार शर्मसार कर रही है..दिल्ली में केंद्र सरकार जहां भारतीय संस्कृति और विविधता का शानदार प्रदर्शन कर देश को गौरवान्वित कर रही है..वहीं तमिलनाडु में सरकार एक दोषी व्यक्ति की फोटो दिखाती है..जो कि चाटुकारिता का प्रदर्शन है..इसके लिए राज्य और तमिलनाडु सरकार को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए..ये विवाद इसलिए भी खड़ा हुआ..क्योंकि जयललिता को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद सीएम पद गंवाना पड़ा था..ये ऐसे तीन विवाद है जिनसे 66वां गणतंत्र विवादों में घेरे में आ गया।














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