2015 में जम्मू कश्मीर में किसी भी राजनीतिक दल को पूर्ण बहूमत नहीं मिला था... जम्मू में बीजेपी ने परचम लहराया तो घाटी में पीडीपी की चमक देखने को मिली था...दोनों पार्टियों ने मार्च 2015 में गठबंधन की सरकार बनाई ताकि जम्मू कश्मीर में विकास हो... लेकिन सेना , पत्थरबाजों, आतंकियों, नीतियों के मोर्चे पर दोनों पार्टियों के मतभेद खुलकर सामने आ रहे थे....जिसका नतीजा ये रहा है कि ये गठबंधन 40 महीनों में ही टूट गया... जम्मू कश्मीर में बीजेपी भाजपा ने पीडीपी का साथ छोड़ दिया है। हालांकि इस बेमेल गठबंधन के 40 महीनों पर विपक्ष अब जहर उगल रहा है। पीडीपी का तो यह कहना है कि " उसे बीजेपी के इस फैसले का पहले पता ही नहीं था। कोई भी संकेत दिए बिना बीजेपमी ने एकदम से महबूबा को चौंका दिया" । सरकार गिरने के बाद पीडीपी क्या नया फॉर्मूला निकालेगी इसके लिए पीडीपी के सभी नेता बैठेंगे। फिलहाल इस्तीफे के बाद महबूबा ने कहा है कि " उन्होंने बीजेपी से बड़े विजन के लिए गठबंधन किया था। घाटी में शांति की कोशिशें होती रहेंगी" । लेकिन इस दौरान महबूबा ने अपने पाक प्रेम का भी इज़हार करते हुए मा...
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