भारत माता का..ये कैसा अपमान?
भारत माता की जय बोलने में किसी भी हिंदुस्तानी को परहेज नहीं होना
चाहिए। यह तो वो अधिकार है जिसपर हर व्यक्ति गर्व महसूस करता है..लेकिन देश में
कुछ दिनों से भारत माता की जय बोलने पर सियासत छिड़ गई है। हांलाकि जिस मुद्दे पर जमकर
सियासत हो रही है क्या वो सही है। सवाल अनेक है..लेकिन जवाब शायद किसी के पास
नहीं। अब इस मुद्दे पर राजनीति पार्टियों को मौका मिल गया है..और जमकर राजनीति चमकाई जा रही है। अब कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भारत माता की जय बोलने पर बयान दिया है। शशि
थरूर का कहना है कि “हम किसी से जोर जबरदस्ती भारत माता की जय का नारा लगाने के लिए नहीं
कह सकते”।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में
पारित हुए राजनीतिक प्रस्ताव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “बीजेपी ने अपने
प्रस्ताव में कहा था कि भारत माता की जय कहने से इनकार करना अपने आप में संविधान
का अपमान करने जैसा है। इस बारे में समझने की जरूरत है। भारत के बारे में किसी को
ऐतराज नहीं है। लोग भारत माता की जय कहने पर सवाल कर रहे हैं..उनके लिए भारत माता
हो सकती है। कुछ और लोगों के लिए भी भारत माता सम्मान के लायक हैं। हिंदुओं और
मुसलमानों में बड़ी आबादी को इससे कोई दिक्कत नहीं..लेकिन कुछ मुसलमानों को दिक्कत
होती है। कुछ मुसलमानों को भारत माता हिंदू देवी की तरह लगती है। हिंदू संगठनों ने
भारत माता की तस्वीर भी देवी जैसी बनाई है। सिंह पर सवार छह भुजाओं वाली देवी।
उनकी पूजा भी करते हैं। इससे मुसलमानों को दिक्कत होती है। उनका कहना है कि जय
हिंद बोलेंगे, हिंदुस्तान जिंदाबाद बोलेंगे..लेकिन हमें भारत माता की जय बोलने मत
कहिए। हमारा लोकतंत्र और संविधान उन्हें भारत माता की जय कहने या नहीं कहने की
आजादी देता है। हमें इसका सम्मान करना चाहिए।”
जेएनयू में लगे राष्ट्रविरोधी नारों के बाद आरएसएस ने कहा कि “देश की यंग जनरेशन
को भारत माता की जय कहना सीखना होगा। भारत माता की जय सिखाने की सीख बहुत महत्वपूर्ण है.. इसलिए किसी को भी
इसपर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।” लेकिन हैदाराबाद के सांसद और मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एमआईएम)
के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी तो शुरू से ही आरएसएस के विरोधी हैं..यानी हिन्दू, हिंदुत्व, भारतीय संस्कृति के
विरोधी हैं। यही वजह है कि सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत द्वारा “भारतमाता की जय” कहने की सीख के
विरोध में उतर आए।
महाराष्ट्र के लातूर जिले के उदगीर तहसील में एक जनसभा में ओवैसी ने
कहा, “मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि मुल्क में ऐसे लोग हैं जो नारे नहीं
लगाते भारतमाता के जय का। उनको सिखाना पड़ेगा।” ओवैसी ने सरसंघचालक
को चुनौती देते हुए आगे कहा, “मोहन भागवत साहब! मैं नहीं लगाता नारा, क्या करते आप? नहीं बोलता मैं।
मेरे गले में छुरी भी रख देंगे तो नहीं बोलूंगा मैं। हमारे कॉन्स्टीट्यूशन में यह
कहीं नहीं लिखा है कि सभी को भारतमाता की जय बोलना।” ऐसा कहकर ओवैसी ने
अपने समर्थकों को 'भारतमाता की जय' नहीं कहने के लिए उत्प्रेरित किया है।
ओवैसी के बयान के बाद राज्यसभा सांसद और मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने
राज्यसभा में असदुद्दीन ओवैसी के बयान की कठोर निंदा की। ओवैसी का नाम लिए बिना जावेद अख्तर ने कहा, “वो कहते हैं कि भारतमाता की जय नहीं बोलेंगे, क्योंकि संविधान में
ऐसा करने को नहीं कहा गया। लेकिन उसी संविधान में उन्हें शेरवानी और टोपी पहनने के लिए भी
नहीं कहा गया।” उन्होंने कहा कि भारतमाता की जय बोलने में हर्ज क्या है? यह हमारा फर्ज नहीं, बल्कि अधिकार है। ऐसा कहते हुए जावेद अख्तर ने सदन में तीन बार ‘भारतमाता की जय’ बोलीं। हालांकि असदुद्दीन
ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन पर कई भड़काऊ भाषणों के चलते केस दर्ज हैं।
ओवैसी ने कहा कि वह भारत माता की जय नहीं बोलेंगे उसके बाद महाराष्ट्र
में एमआईएम विधायक वारिस पठान ने ओवैसी के भारत माता की जय न बोलने वाले बयान का
समर्थन किया..बीजेपी के राम कदम ने वारिस पठान से भारत माता की जय बोलने के लिए
कहा था। वारिस ने कहा था कि “वो 'जय हिंद' बोलेंगे..लेकिन भारत माता की जय नहीं कहेंगे।” वारिस पठान के
इनकार करने के बाद विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ..बाकी पार्टियों के विधायकों ने
उनके निलंबन की मांग की..उनके खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव स्वीकार किया गया है।
हालांकि विधानसभा से निलंबित होने के बाद विधायक वारिस पठान ने कहा कि “मैं अपने देश से
प्यार करता हूं। मैं यहीं पैदा हुआ हूं और इसी जगह मरूंगा लेकिन भारत माता की जय
नहीं बोलूंगा। मैंने कभी सपने में भी देश का अपमान नहीं सोचा है।”
वारिस पठान को तो महाराष्ट्र विधानसभा से बजट सत्र के दौरान निलंबित
कर दिया गया..लेकिन असदुद्दीन ओवैसी की राजनेताओं से लेकर जनता तक ने कड़ी आलोचना
की। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने कहा कि “हम यही दुआ करेंगे
कि अल्ला ताला ओवैसी को सदबुद्धि दें। स्थानीय प्रशासन ओवैसी के बयान की जांच
करेगी। अभिव्यक्ति की आजादी को आधार बनाकर कोई भी बयान नहीं दिया जा सकता है।” महाराष्ट्र सरकार में पर्यावरण मंत्री शिवसेना नेता रामदास कदम ने कहा “ओवैसी कहते हैं कि भारत मां की जय नहीं कहूंगा.. तो ये बहुत गंभीर बात
है। ओवैसी पाकिस्तान चला जाए.. उन्हें भारत में रहने का अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री से
कहूंगा कि इस बयान की वो जांच कराएं। ओवैसी पर सरकार कार्रवाई करे। इस हरे सांप को
दूध नहीं पिलाना चाहिए।”
शिवसेना नेता रामदास कदम की कड़ी आलोचना के बाद शिवसेना ने अपने
मुखपत्र सामना में भी ओवैसी की कड़ी निंदा की। वहीं संसदीय
कार्यमंत्री वेंकैया नायडू उन्होंने कहा कि “ओवैसी को ऐसे बयान पर शर्म आनी चाहिए। भारत हमारी मातृभूमि है और सभी
को इसकी पूजा करनी चाहिए। हालांकि यह कहीं लिखा नहीं है न ऐसा कोई कानून है फिर भी
हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह मातृभूमि की पूजा करे।” केंद्रीय
अल्पसंख्यक मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने मुंह तोड़ जवाब दिया है। नजमा हेपतुल्ला ने
कहा कि “मेरी गर्दन पर छुरी रख दोगे तब भी मेरे मुंह से निकलेगा भारत माता की
जय। नजमा ने कहा कि मुझे अफसोस है कि ओवैसी ने ऐसी बात बोली।”
वहीं इंदौर में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा भारत माता की
जय बोलने से इंकार करने वाले बयान पर मुस्लिम समाज ने नाराजगी जताई है..साथ ही
उन्होंने खुद को देशभक्त बताते हुए तिरंगा यात्रा निकाली और शहर की 11 दरगाह पर चादर चढ़ाकर
भारत माता की जय-जयकार की। सोशल मीडीया पर भी ओवैसी की जमकर खिंचाई की और अब तक
ओवैसी की जमकर आलोचना हो रही है। पहले ओवैसी फिर वारिस पठान का बयान कि वो भारत
माता की जय नहीं बोलेंगे..आखिर भारत माता की जय कहने में कैसी परेशानी..हमारे देश
के वीर जवान सरहद लड़ते लड़ते अपने प्राण न्यौछावर कर देते है। भारत माता की जय
बोलकर हमेशा के लिए धरती मां की गोद में सो जाते है..लेकिन हमारे ही देश के कुछ
नेता भारत माता की जय नहीं बोल सकते है..आखिर क्यों?

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